मनोचिकित्सकीय परामर्श के दौरान सहज बातचीत
बिना झिझक अपनी बात कहें • भोपाल और सागर

डॉ. जानिसार जावेद, भोपाल में मनोचिकित्सक

मन की परेशानी को समझना, बेहतर होने की ओर पहला क़दम है। यहाँ आपकी बात ध्यान से सुनी जाती है और आगे की योजना सरल भाषा में समझाई जाती है।

आपकी बात निजी रखी जाती हैअपनी परेशानी खुलकर और सहजता से बताएँ
हिन्दी या अंग्रेज़ीजिस भाषा में सहज हों, उसी में बात करें
आपकी पूरी स्थिति पर ध्यानमन, शरीर, नींद, दवाइयों और जीवन पर ध्यान
एक भारतीय परिवार का सहज और सहयोगपूर्ण पल
हमारे घर और ज़िन्दगी के सन्दर्भ में

मन की परेशानी का असर अक्सर पूरे परिवार पर पड़ता है।

पढ़ाई, नौकरी, शादी, परिवार की ज़िम्मेदारियाँ और शारीरिक सेहत, इन सबको साथ समझना ज़रूरी है। आपकी सहमति से परिवार को भी सही जानकारी और दिशा दी जा सकती है।

किन परेशानियों में मदद लें?

परेशानी बहुत बढ़ने का इंतज़ार करना ज़रूरी नहीं है।

यदि मन, नींद, सोच या व्यवहार में बदलाव कई दिनों या हफ़्तों से बना है और जीवन पर असर डाल रहा है, तो परामर्श मददगार हो सकता है।

01

लगातार उदासी या अफ़साद (डिप्रेशन)

मन न लगना, थकान, मायूसी, निराशा, नींद या भूख में बदलाव

02

चिंता और अचानक घबराहट

लगातार फ़िक्र, धड़कन तेज़ होना, डर या अचानक घबराहट का दौरा (पैनिक अटैक)

03

अनचाहे विचार और बार-बार दोहराव (OCD)

बार-बार जाँच करना, हाथ धोना, भरोसा माँगना या मन में बातें दोहराना

04

मन की स्थिति और ऊर्जा में असामान्य बदलाव

बहुत कम नींद, अत्यधिक ऊर्जा, तेज़ बातें, ख़र्च या फिर अफ़साद के अलग दौर

05

बहुत अधिक शक, आवाज़ें या बदला व्यवहार

ऐसी आवाज़ें सुनाई देना जो दूसरों को न सुनें, उलझी बातें या सबसे अलग रहना

06

नींद की परेशानी

नींद न आना, बार-बार खुलना, बहुत जल्दी जागना या सोने का समय बिगड़ना

और परेशानियाँ देखें
07

शराब, नशा या किसी आदत पर क़ाबू न रहना

शराब, तम्बाकू, ड्रग्स, जुआ, गेमिंग या मोबाइल के उपयोग पर नियंत्रण कम होना

08

बच्चों और किशोरों में बदलाव

ध्यान, पढ़ाई, व्यवहार, स्कूल जाने, चिंता या लगातार उदासी से जुड़ी परेशानी

09

भूलना, उलझन या याददाश्त में गिरावट

बार-बार भूलना, रास्ता भटकना, व्यवहार बदलना या रोज़मर्रा के काम कठिन होना

अपनी परेशानी समझाने के लिए बीमारी का नाम जानना ज़रूरी नहीं है। आप केवल यह बता सकते हैं कि क्या बदला है, कब से बदला है और उसका ज़िन्दगी पर क्या असर पड़ रहा है। विस्तृत मूल्यांकन के बाद डॉक्टर संभावित कारण और आगे की योजना समझाएँगे।

पहली मुलाक़ात

परामर्श में क्या होता है?

पहली मुलाक़ात में किसी निष्कर्ष पर पहुँचने की जल्दबाज़ी नहीं की जाती। पहले परेशानी, उसकी अवधि, सम्भावित कारण और जीवन पर उसके असर को समझा जाता है।

01
अपनी परेशानी बताएँ

क्या बदलाव आया, कब से है और काम, पढ़ाई, रिश्तों या नींद पर क्या असर है।

02
सेहत और दवाइयों की जानकारी

शारीरिक बीमारी, चल रही दवाइयों, नशे और ज़रूरी जाँचों पर चर्चा हो सकती है।

03
इलाज और आगे के कदम

समझाइश, दवा, बातचीत से उपचार, व्यावहारिक बदलाव या दूसरे विशेषज्ञ की ज़रूरत सरल भाषा में बताई जाती है।

Google पर सार्वजनिक प्रतिक्रियाएँ

मरीज़ों और परिवारों द्वारा साझा किए गए अनुभव पढ़ें।

समीक्षाएँ Google पर उन्हीं लोगों के शब्दों में उपलब्ध हैं जिन्होंने उन्हें सार्वजनिक रूप से साझा किया है। वेबसाइट पर उन्हें बदलकर या चुनकर प्रस्तुत नहीं किया गया है।

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निजी और गोपनीय परामर्श

यौन स्वास्थ्य की परेशानी पर भी खुलकर बात की जा सकती है।

इरेक्शन की परेशानी, शीघ्रपतन, इच्छा में कमी, सम्बन्ध बनाते समय घबराहट, दवाइयों के यौन दुष्प्रभाव या रिश्तों में नज़दीकी से जुड़ी चिंता को सम्मान और संवेदनशीलता से समझा जाता है।

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मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े आम सवाल

मानसिक स्वास्थ्य को अपनी भाषा में समझें

उदासी, घबराहट, अनचाहे विचार, दवाइयों और परिवार की भूमिका से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब।

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