सीधा जवाब

घबराहट का दौरा या पैनिक अटैक (Panic Attack) अचानक उठने वाला तीव्र डर या बेचैनी का दौर है। धड़कन तेज़ होना, साँस फूलना, काँपना, चक्कर, सीने में तकलीफ़, सुन्नपन या नियंत्रण खोने जैसा लग सकता है। हर पैनिक अटैक का अर्थ पैनिक डिसऑर्डर नहीं होता और पहली बार हुए गंभीर लक्षणों में चिकित्सकीय जाँच आवश्यक हो सकती है।

शरीर में क्या महसूस हो सकता है?

शरीर का खतरे से बचाने वाला तंत्र तेज़ी से सक्रिय हो जाता है। शरीर में महसूस होने वाले ये लक्षण वास्तविक होते हैं, केवल ‘सोच’ नहीं। लक्षणों से डर बढ़ने पर धड़कन और साँस की गति और तेज़ हो सकती है।

  • तेज़ धड़कन, पसीना या काँपना
  • साँस कम पड़ना या गला रुकना
  • चक्कर, कमजोरी या शरीर सुन्न लगना
  • सीने या पेट में तकलीफ़
  • मरने, बेहोश होने या नियंत्रण खोने का डर

कब इसे केवल घबराहट मान लेना ठीक नहीं?

हृदय, फेफड़े, थायरॉइड, कुछ दवाइयाँ, नशे का सेवन या नशा छोड़ना भी मिलते-जुलते लक्षण दे सकते हैं। पहली घटना, गंभीर सीने का दर्द, बेहोशी, दौरा, ऑक्सीजन की कमी या नया न्यूरोलॉजिकल लक्षण हो तो तत्काल चिकित्सा जाँच लें।

बार-बार होने लगे तो क्या करें?

यदि हमले दोबारा हों, अगला दौरा आने का लगातार डर रहे या व्यक्ति जगहों और गतिविधियों से बचने लगे, तो मूल्यांकन उपयोगी है। उपचार में मनोचिकित्सा, दवा या दोनों शामिल हो सकते हैं।

कब डॉक्टर से मिलें?

  • पैनिक अटैक बार-बार हो रहे हों
  • अगला दौरा आने का डर लगातार बना हो
  • काम, यात्रा या भीड़ वाली जगहों से बचना शुरू हो गया हो
  • उचित चिकित्सकीय जाँच के बाद भी चिंता बनी हुई हो

कब तत्काल चिकित्सा सहायता लें?

  • पहली बार गंभीर सीने का दर्द या साँस लेने में अत्यधिक कठिनाई
  • बेहोशी, दौरा या अचानक कमजोरी
  • गंभीर उलझन या नशा-मुक्ति के लक्षण
  • स्वयं को सुरक्षित न रख पाना

ऐसी स्थिति में वेबसाइट, WhatsApp या सामान्य अपॉइंटमेंट का इंतज़ार न करें। नज़दीकी अस्पताल की इमरजेंसी सेवा से सम्पर्क करें।

स्रोत और आगे की जानकारी

NIMH, Panic disorder WHO, Anxiety disorders
महत्त्वपूर्ण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। इससे किसी व्यक्ति का निदान नहीं किया जा सकता और यह व्यक्तिगत चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है।