यदि शरीर शराब का आदी हो चुका है, तो अचानक बंद करने पर काँपना, पसीना, उल्टी, बेचैनी, भ्रम, आवाज़ें या दौरा हो सकता है। जोखिम व्यक्ति और सेवन पर निर्भर करता है; घर पर अकेले अचानक छोड़ने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें।
किन लोगों में जोखिम अधिक हो सकता है?
रोज़ या अधिक मात्रा में सेवन, सुबह शराब की ज़रूरत, पहले नशा-मुक्ति के लक्षण या दौरा, गंभीर शारीरिक बीमारी और कई पदार्थों का उपयोग जोखिम बढ़ा सकते हैं। मात्रा कम बताने से योजना असुरक्षित हो सकती है, इसलिए ईमानदार जानकारी उपयोगी है।
सुरक्षित उपचार एक जैसा नहीं होता
कुछ लोगों का उपचार निगरानी के साथ घर पर हो सकता है, जबकि कुछ को अस्पताल की ज़रूरत पड़ती है। निर्णय लक्षण, पुराना इतिहास, जाँच, सहारा और दूसरी बीमारियों के आधार पर होता है।
शुरुआती नशा-मुक्ति के बाद भी उपचार जारी रहता है
शुरुआती नशा-मुक्ति के बाद craving, दोबारा सेवन का जोखिम, नींद, मनोदशा और परिवार की सहायता पर काम करना दीर्घकालीन सुधार का हिस्सा है।
कब डॉक्टर से मिलें?
- शराब कम करने पर काँपना, पसीना या घबराहट होती हो
- सुबह शराब लेने की ज़रूरत महसूस हो
- पहले नशा-मुक्ति के समय भ्रम या दौरा हुआ हो
- शराब से काम, परिवार, लीवर या दूसरी सेहत प्रभावित हो
कब तत्काल चिकित्सा सहायता लें?
- दौरा, गंभीर उलझन या बेहोशी
- आवाज़ें या चीज़ें दिखाई देना, अत्यधिक उत्तेजना
- लगातार उल्टी, तेज़ बुखार या बहुत तेज़ धड़कन
- व्यक्ति को सुरक्षित रखना कठिन हो
ऐसी स्थिति में वेबसाइट, WhatsApp या सामान्य अपॉइंटमेंट का इंतज़ार न करें। नज़दीकी अस्पताल की इमरजेंसी सेवा से सम्पर्क करें।
