हर बदलाव बीमारी नहीं होता, लेकिन जब भावनात्मक या व्यवहारिक बदलाव कई सप्ताह रहें, घर, स्कूल, दोस्ती या सुरक्षा पर असर डालें, तो बाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन उपयोगी हो सकता है। बच्चे की बात बिना डाँट और तुलना के सुनना पहला कदम है।
संकेत उम्र के अनुसार अलग दिख सकते हैं
छोटे बच्चे पेट दर्द, डर, चिपकना या गुस्से से परेशानी दिखा सकते हैं। किशोर अलग रहना, अंक गिरना, जोखिम भरा व्यवहार, नशा, लगातार चिड़चिड़ापन या नींद बदलने के रूप में दिखा सकते हैं।
घर और स्कूल दोनों की जानकारी उपयोगी है
शिक्षक, अभिभावक और बच्चे की अपनी बात कभी अलग हो सकती है। कब शुरू हुआ, कहाँ अधिक होता है और विकास, सीखने या परिवार की परिस्थितियों में क्या बदल रहा है, इन सबको साथ समझना पड़ता है।
बात कैसे शुरू करें?
शांत समय चुनें, आरोप लगाने के बजाय बदलाव बताएं और तुरंत समाधान देने से पहले सुनें। गोपनीयता का सम्मान करें, पर सुरक्षा का जोखिम हो तो विश्वसनीय वयस्क और चिकित्सकीय सहायता ज़रूर जोड़ें।
कब डॉक्टर से मिलें?
- व्यवहार या मन की स्थिति में बदलाव कई सप्ताह बना हो
- स्कूल, दोस्ती, नींद या परिवार पर स्पष्ट असर हो
- खाना, वजन, नशा या जोखिम भरा व्यवहार चिंता पैदा करे
- विकास, ध्यान या सीखने को लेकर लगातार चिंता हो
कब तत्काल चिकित्सा सहायता लें?
- खुद को नुकसान पहुँचाने की बात, योजना या कोशिश
- हिंसा, गंभीर नशा, बेहोशी या दौरा
- भ्रम, आवाज़ें या वास्तविकता से दूरी
- बच्चे की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित न हो पा रही हो
ऐसी स्थिति में वेबसाइट, WhatsApp या सामान्य अपॉइंटमेंट का इंतज़ार न करें। नज़दीकी अस्पताल की इमरजेंसी सेवा से सम्पर्क करें।
