रोज़मर्रा में मन की स्थिति के बदलाव अक्सर परिस्थितियों के साथ बदलते हैं। बाइपोलर डिसऑर्डर में अफ़साद के दौरों के साथ असामान्य रूप से बढ़ी ऊर्जा वाले अलग दौर हो सकते हैं, जिनमें कम नींद की ज़रूरत, तेज़ बोलना, बहुत बढ़ा आत्मविश्वास या जोखिम भरा व्यवहार दिख सकता है। निदान विस्तृत इतिहास से होता है।
एक दिन मन अच्छा या खराब होना पर्याप्त संकेत नहीं
डॉक्टर यह देखते हैं कि बदलाव सामान्य स्वभाव से कितना अलग है, कितने दिनों तक रहा, नींद और काम पर क्या असर हुआ और क्या परिवार ने भी इसे देखा। दवाइयाँ, नशा और शारीरिक कारण भी समझे जाते हैं।
उन्माद के संकेत क्या हो सकते हैं?
बहुत कम नींद के बावजूद थकान न लगना, लगातार बोलना, विचारों की तेज़ गति, अत्यधिक खर्च, झगड़े या असुरक्षित निर्णय दिखाई दे सकते हैं। गंभीर अवस्था में भ्रम या वास्तविकता से दूरी हो सकती है।
पुराना रिकॉर्ड निदान में मदद करता है
पहले के अफ़साद, परिवार का इतिहास, दवाओं की प्रतिक्रिया और समयरेखा उपयोगी होती है। केवल वर्तमान मन की स्थिति देखकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं होता।
कब डॉक्टर से मिलें?
- मन की स्थिति और ऊर्जा के स्पष्ट दौर बार-बार आते हों
- कम नींद के साथ असामान्य ऊर्जा या जोखिम भरा व्यवहार हो
- अफ़साद के उपचार के दौरान बहुत उत्तेजना या नींद में तेज़ कमी हो
- काम, पैसे, रिश्ते या सुरक्षा प्रभावित हों
कब तत्काल चिकित्सा सहायता लें?
- व्यक्ति कई दिनों से नहीं सोया और व्यवहार नियंत्रित न हो
- हिंसा, गंभीर जोखिम, भ्रम या वास्तविकता से दूरी
- आत्महत्या की योजना या स्वयं को गंभीर नुकसान पहुँचाना
- स्वयं या परिवार सुरक्षा सुनिश्चित न कर पा रहे हों
ऐसी स्थिति में वेबसाइट, WhatsApp या सामान्य अपॉइंटमेंट का इंतज़ार न करें। नज़दीकी अस्पताल की इमरजेंसी सेवा से सम्पर्क करें।
